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देशभक्ति गीत
क्या कहती गंगा धारा
माटी से अनुपम प्यार है
संगठन गढ़े चलो
मा तेरी पावन पूजा में
स्वर्णमयी लंका न मिले मा
हमें वीर केशव
श्री राम जी की सेना चली
मेरी मातृभूमि मन्दिर है
पतवार चलाते जाएगें
निज गौरव को निज वैभव को
हे जन्म भूमि भारत
सच्चा वीर बना दे मां
बने हम हिन्द के योगी
सबको शाखा लाएगें
हम बदल देंगे सारा जमाना ।
जीवन में कुछ करना है तो मन को मारे मत बैठो ।
जीवन में कुछ करना है तो मन को मारे मत बैठो
वैदिक राष्ट्र गानम् !
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