Header
मेरी मातृभूमि मन्दिर है
मेरी मातृभूमि मन्दिर है । श्वेत हिमालय श्रृंग अपना है । शिव का तांडव बल अपना है । भगवा ध्वज यह गौरव वाला , लहराता फर फर है ।।।। वीर शिवा , राणा से नायक , सूर और तुलसी सम गायक , जिनकी वाणी कालजयी है , जिनका यश सुस्थिर है ।।।। स्वाभिमान की बलिवेदी पर सतिया लाख हुई न्यौछावर, सन्तों , ऋषियों वाली भारत-भूमि मिहिर है ।।।। हमको जो ललकार रहा है अपना काल पुकार रहा है , विश्व जानता है भारत का अपराजेय रुधिर है ।।। मेरी मातृभूमि मन्दिर है ।।।।
वापस...
Footer